क्या कृष्ण पाप करवाते हैं? स्वतंत्र इच्छा, कर्मफल और भक्ति का असली रहस्य
हिंदू धर्म में इस वाक्य का वास्तविक अर्थ यह है—यह संसार, इसके नियम, धर्म-अधर्म, कर्म और कर्मफल—सब श्रीकृष्ण की बनाई हुई ब्रह्मांडीय व्यवस्था के अंतर्गत चलता है।लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कृष्ण हमें पाप करवाते हैं। एक सरल उपमा समुद्र के ऊपर एक नाव चल रही है।समुद्र—कृष्ण द्वारा बनाई हुई परिस्थिति।अब नाव किस … Read more