क्या कृष्ण पाप करवाते हैं? स्वतंत्र इच्छा, कर्मफल और भक्ति का असली रहस्य

कर्मफल और भक्ति का असली रहस्य

श्रीकृष्ण की अनुमति के बिना एक पत्ता भी नहीं हिलता… – इसका असली अर्थ हिंदू धर्म में इस वाक्य का वास्तविक अर्थ यह है— यह संसार, इसके नियम, धर्म-अधर्म, कर्म और कर्मफल—सब श्रीकृष्ण की बनाई हुई ब्रह्मांडीय व्यवस्था के अंतर्गत चलता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कृष्ण हमें पाप करवाते हैं। एक … Read more