क्या कृष्ण पाप करवाते हैं? स्वतंत्र इच्छा, कर्मफल और भक्ति का असली रहस्य

कर्मफल और भक्ति का असली रहस्य

श्रीकृष्ण की अनुमति के बिना एक पत्ता भी नहीं हिलता… – इसका असली अर्थ हिंदू धर्म में इस वाक्य का वास्तविक अर्थ यह है— यह संसार, इसके नियम, धर्म-अधर्म, कर्म और कर्मफल—सब श्रीकृष्ण की बनाई हुई ब्रह्मांडीय व्यवस्था के अंतर्गत चलता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कृष्ण हमें पाप करवाते हैं। एक … Read more

भाग्य नहीं, निर्णय जीवन बदलते हैं — नियति और कर्म का असली रहस्य

भाग्य नहीं निर्णय जीवन बदलते हैं — नियति और कर्म का असली रहस्य

भूमिका: जब इंसान कुछ भी करने में खुद को असहाय महसूस करता है, तो वह क्या कहता है? “सब कुछ विधि का विधान है…मेरे हाथ में कुछ नहीं…” कितना आसान बहाना है!अपनी असफलता छुपाने की सबसे सुंदर ढाल! लेकिन आज सुनो—यह बात सच के मुंह पर थूक फेंकने जैसी है। भाग्य बनाम कर्म: असली सच … Read more