कर्म बड़ा या भाग्य बड़ा? गीता के अनुसार अंतिम सत्य!
कर्म बड़ा या भाग्य बड़ा सुनो! आज मैं तुम्हें नरम भाषा में कुछ नहीं कहूँगा। आज सीधा दिल पर हाथ रखकर सत्य सुनोगे! क्योंकि दया की बातें तुम बहुत सुन चुके हो… अब सुनो अग्नि की भाषा! तुम्हारी ज़िन्दगी आज जैसी है— उसका ज़िम्मेदार कोई दूसरा नहीं, ज़िम्मेदार सिर्फ़ तुम हो! बहुत लोग कहते हैं— … Read more