भाग्य नहीं, निर्णय जीवन बदलते हैं — नियति और कर्म का असली रहस्य

भाग्य नहीं निर्णय जीवन बदलते हैं — नियति और कर्म का असली रहस्य

भूमिका: जब इंसान कुछ भी करने में खुद को असहाय महसूस करता है, तो वह क्या कहता है? “सब कुछ विधि का विधान है…मेरे हाथ में कुछ नहीं…” कितना आसान बहाना है!अपनी असफलता छुपाने की सबसे सुंदर ढाल! लेकिन आज सुनो—यह बात सच के मुंह पर थूक फेंकने जैसी है। भाग्य बनाम कर्म: असली सच … Read more

कर्म बड़ा या भाग्य बड़ा? गीता के अनुसार अंतिम सत्य!

कर्म बड़ा या भाग्य बड़ा

कर्म बड़ा या भाग्य बड़ा सुनो! आज मैं तुम्हें नरम भाषा में कुछ नहीं कहूँगा। आज सीधा दिल पर हाथ रखकर सत्य सुनोगे! क्योंकि दया की बातें तुम बहुत सुन चुके हो… अब सुनो अग्नि की भाषा! तुम्हारी ज़िन्दगी आज जैसी है— उसका ज़िम्मेदार कोई दूसरा नहीं, ज़िम्मेदार सिर्फ़ तुम हो! बहुत लोग कहते हैं— … Read more