कर्म बड़ा या भाग्य बड़ा? गीता के अनुसार अंतिम सत्य!

कर्म बड़ा या भाग्य बड़ा

कर्म बड़ा या भाग्य बड़ा? सुनो!आज मैं तुम्हें नरम भाषा में कुछ नहीं कहूँगा।आज सीधा दिल पर हाथ रखकर सत्य सुनोगे!क्योंकि दया की बातें तुम बहुत सुन चुके हो…अब सुनो अग्नि की भाषा!तुम्हारी ज़िन्दगी आज जैसी है—उसका ज़िम्मेदार कोई दूसरा नहीं,ज़िम्मेदार सिर्फ़ तुम हो! बहुत लोग कहते हैं—“मेरी असफलता के पीछे मेरा भाग्य दोषी है…शायद … Read more

কর্ম বড় নাকি ভাগ্য বড়? গীতা অনুযায়ী চূড়ান্ত সত্য!

কর্ম বড় নাকি ভাগ্য বড়

শোনো!আজ আমি নরম করে বলব না।আজ বুকে হাত দিয়ে সত্য শুনবে! কারণ, দয়ার ভাষা অনেক শুনেছ—এবার শুনো আগুনের ভাষা!তোমার জীবন আজ যেমন অবস্থায় আছে—তার জন্য দায়ী একজনই “সেটা হলো তুমি নিজে!”অনেকে বলেন,আমার ব্যর্থতার পেছনে আমার ভাগ্য দায়ী, হয়তো ভাগ্যে ছিল না তাই আজকে আমি বিফল, এই কথাটা সম্পূর্ণ মিথ্যা কথা! ভাগ্য না, ভগবান না, মানুষও না।তোমার … Read more